अदरक रोगों का शत्रु सेहत का मित्र
अदरक नाम जाना पहचाना है। सदियों से गाँव शहरों से लेकर महानगरों तक में इसका प्रयोग खूब होता ै। वैसे तो यह किसी परिचय का मोहताज नहीं , लेकिन प्रांतीय भाषा भेद के कारण जरा सी कठिनाई हो सकती है, जैसे आदु , आर्दक आर्दशाक , आले , आदा , सल्ल्म , शोंठि , हमिशोठ , जजबोल , रतन , शुंठी आदि भी इसी नाम के नाम है।
इसमें पाया जाने वाले रासायनिक संघठन इस प्रकार है। आद्रता 8. 9 , प्रोटीन 2. 3 वसा . 9 कार्बोहइड्रेड 12. 3 कैल्शियम २. फास्फोरस 6. लौह 2. 6 प्रति 100 ग्राम तथा इसके अतिरिक्त आयोडीन , क्लोरीन, विटामिन ए. , बी. और सी भी होते है।
इसमें पाया जाने वाले रासायनिक संघठन इस प्रकार है। आद्रता 8. 9 , प्रोटीन 2. 3 वसा . 9 कार्बोहइड्रेड 12. 3 कैल्शियम २. फास्फोरस 6. लौह 2. 6 प्रति 100 ग्राम तथा इसके अतिरिक्त आयोडीन , क्लोरीन, विटामिन ए. , बी. और सी भी होते है।
- यह गर्म प्रकृति का होने के कारण कफ और वात का शामक है। सर्दी का नाशक, सूजन मिटाने वाला दर्द को दूर करने वाला है। हृदय के लिए हितकारी है।
- अन्य शारीरिक दर्दों के अलावा दांत दर्द और माइग्रेन (सर दर्द ) में भी लाभकारी है। पाचन सम्बन्धी परेशानी में भी यह उत्तम सहायक है।
- इसमें पाये जाने वाले एन्टिओक्सीडेंट्स शरीर में रक्त के प्रवाह को बढ़ा कर रक्त को साफ़ करने में मददगार है। इसमें खून को पतला करने की शक्ति भी होती है। इसी वजह से यह रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) जैसी बीमारी में भी प्रयोग किया जाता है।
- सर्दी की परेशानियों के लिए तो यह रामबाण है। इस का जूस बालों को चमकदार बनाता है , गिरने से रोकता है।
- भूख की कमी - अदरक के छोटे - छोटे टुकड़े करके शीशी में डाल कर ऊपर से नीबू का रस डाल दे और उपरसे थोड़ा सेन्धा नमक मिला खूब हिला कर खाने से खाना हजम होता है। भूख खुल कर लगती है।
- सर्दी, जुकाम में - पानी में गुड़, अदरक, नींबू का रस, अजवायन, हल्दी, बराबर की मात्रा में डालकर खूब उबालकर छान कर पीना हितकर है।
- गला खराब होने पर - अदरक, लौंग, हींग, नमक को मिलाकर पीसकर छोटी छोटी गोलिया बना लें दिन में दो तीन बार दो चार गोली मुँह में रख कर चूंसे।
- कमर दर्द - अदरक का रस नारियल के तेल में मिलाकर दर्द वाले स्थान पर हल्के हाथ से मालिश करे।
- भूख बढ़ाने के लिए - दो ग्राम सौंठ चूर्ण घी या गर्म पानी से लिया जाये तो लाभ करता है।
- अजीर्ण - हो तो हरड़ सौंठ और सेंधानमक मिलाकर गर्म पानी से लेना हितकर है।
- बहुमूत्र - अधिक पेशाब आये तो अदरक का रस दो चम्मच मिश्री मिलाकर सवेरे शाम लेना हितकर है।
वैध हरी कृष्ण पांडेय

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