करेले के औषधीय गुण
करेले के जूस को औषधीय गुणों को भारतीय होम्योपैथिक
में भी सराहा गया है । करेले के बेहतरीन स्वास्थ्य वर्धक गुणों के अलावा एक ख़ास बात
यह है की इसको सुखाकर रखने पर भी इसके औषधीय गुण नष्ट नही होते । करेला एक ऐसा फल है
जिसका स्वाद कड़वा होता है इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते है ,जैसे विटामिन और एंटी ओक्सिडेन्ट्स ।
करेले में फास्फोरस काफी मात्रा में पाया जाता है
इसलिए यह दांत ,मस्तिष्क ,हड्डी ,ब्लड और अन्य शारीरिक अंगो के लिए जरुरी है ।
करेले का जूस कफ ,मधुमेह , पीलिया ,और बुखार आदि रोगों में लाभदायक
होता है । और ये रक्त भी साफ करता है ।
करेले का जूस ख़ाली पेट पीना अधिक लाभदायक होता है , ये शरीर के दर्द को दूर करता
है और शरीर में शक्ति पैदा करता है ।
करेले की सब्जी नियमित खाने से अस्थमा के रोगियों
को लाभ मिलता है ।
करेले का जूस ,एक ग्लास पानी में मिला ले
और उसमे फिटकरी मिला कर रोजाना दो बार कुल्ला करने से मुंह के छालों से राहत मिलती
है ।
दो करेले का रस एक कप छाछ में मिलाकर नियमित सेवन
से पथरी में लाभ मिलता है ।
प्रतिदिन करेले के रस का सेवन करने से कार्य करने
की क्षमता और उर्जा दोनों को बढ़ाया जा सकता है ।
करेले की जड़ का पेस्ट बना कर उसे बवासीर वाले स्थान
पर लगाने से बवासीर में लाभ होता है ।
2 चम्मच करेले का रस पीने से
लीवर साफ होता है और रक्त से अशुद्धिया दूर होती है ।
करेले में बिटा -केरोटिन पाया जाता है, जो आँखों की दृष्टि बढ़ाने में साहयता करता है ।
करेला भूख और पाचनशक्ति को भी बढाता है ।
शराब के अत्यधिक सेवन के नशे को उतारने के लिए करेले
के रस का सेवन करना चाहिए ,करेले का रस लीवर को भी साफ रखता है ।
हैजा होने पर करेले का रस प्राकृतिक रूप से लाभकारी
है इसके लिए दो चम्मच करेले का रस और प्याज का रस दोनों बराबर मात्रा में प्रतिदिन
स्वस्थ हो जाने तक पिया जाना चाहिए ।
करेले के जूस के सेवन से चेहरे के फोड़े फुंसी से
राहत मिलती है और त्वचा की रगत निखरती है ।
करेले को प्राकतिक रूप से खाना चाहिए ,क्योंकि कई लोग करेले का कड़वा पन मिटाने के लिए उसे
काट कर छिल कर नमक लगा कर खाते है ,ऐसा करने से करेले के सभी गुण निकल जाते है । करेले का कड़वापन ही रोगों को दूर भगाता है ।

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