मधुमेह (डायबिटीज )में नियंत्रण में उपयोगी " बाजरा "
बाजरा नयी पीढ़ी के लिए अजूबा हो सकता है ,लेकिन बुजुर्ग लोग इसके फ़ायदे बाखूबी जानते है । आज ज़माने वाले चउमिन ,बर्गर ,पिज्जा खाने वाले बाजरा के गुणों से बिलकुल ही अनजान है ।युवा और कई शिक्षितों से इसके बारे में चर्चा की तो इसके गुण तो दूर ,नाम और स्वाद से भी अपरिचित बताया अब इस शारदीय नवरात्रों के आसपास पक कर तैयार बाजरा कुछ ही दिनों में घरों में खाया जाने लगेगा ,और बाजार में भी आ जायेगा लेकिन बाजार में बिकने वाली हर चीज से हर आदमी परिचित नही होता । ना ही उसका उपयोग जनता है । आज बाजरा के विषय में चर्चा करगें, जो स्वाद के साथ स्वास्थ्य रक्षक की भूमिका भी निभाता है ।
बाजरा छोटे दानों वाला हो कर भी मोटे अनाजों की गिनती में आता है । 'जो खरीफ की फ़सल है । बाजरे की विशेषता यह है की यह सूखा -प्रभावित क्षेत्र में भी खूब फलता फूलता है । जब की अन्य अनाजों को पानी की आवश्कता होती है ।
दीपावली के आस पास इसका प्रयोग खाने में होने लगता है । हाँ खाने के तरीके कई है कोई पीस कर आटे की रोटी बना कर ,कोई उबाल कर नमक मिर्च मिला कर ,कोई खिचड़ी बना कर खाता है । पशुओं के चारे में उपयोग होता है । आयुर्वेद में इसको वादी ,गर्म ,रुखा ,अग्नि दीपक, पित को कुपित करने वाला ,देर से पचने वाला माना जाता है । लेकिन कन्तिजनक ,बलवर्धक ,सर्दी में मददगार ,और महिलओं में काम शक्ति बढानें वाला माना गया है ।
बाजरे के प्रयोग से रोटी ,दलिया बियर बनाने के आलावा मुर्गियों को चारे के रूप में भी खिलाया जाता है । जो उनको पोष्टिकता प्रदान करता है । फल स्वरूप बाजरा खाने वाली मुर्गी के अंडो में ओमेगा ३ पाया जाता है ।
इसमें प्रोटीन ,अमीनो अम्ल ,पर्याप्त मात्रा में पाए जाते है (पथरी )गुर्दे की परेशानी हो पथरी के लक्षण हो तो बाजरा खाना हानिकारक है ।
यह कैल्सियम का भी अच्छा माध्यम माना जाता है । जो हड्डियों को मजबूत करने में मददगार होता है । बढ़ते बच्चों और बूढ़े लोगो को लाभकारी है ।
बाजरा पाचन क्रिया को शिथिल तो करता है लेकिन (मधुमेह) डायबिटीज में शर्करा की स्थिती को नियंत्रित करने में मददगार है ।
बाजरा का सेवन अतिरिक्त वसा को हटा कर कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है । और खून की कमी को दूर करता है ।
बाजरा के सेवन से, अनिद्रा (नींद न आना )(अवसाद )मानसिक तनाव ,सिर के भारी पन में लाभ होता है । इसका सेवन (रक्त चाप ) ब्लड प्रेसर ,लीवर रोग हदय की दुर्बलता तथा दूध पिलाने वाली माताओं के लिए अत्यंत उपयोगी है ।
बाल झडऩे वाली समस्या से जुझ रहे लोगों के लिये बाजरा खाना किसी वरदान से कम नहीं है । "कारण है " शरीर में प्रोटीन की मात्रा कम होना, जो इसके सेवन से पूर्ण हो बालों को स्वस्थ बनाता है ।
विद्ध।नों का मत है की इसका सही उपयोग किया जाये तो गंजा होने से बचा जा सकता है ।
दुष्परिणाम :-
इतना गुणकारी होने के बाद भी इसके सेवन से कुछ दुषपरिणाम भी देखने को मिलते है । जैसे (घेघा ) थायराइड आदि की संभावना ।
गुर्दा रोग से प्रभावित व्यक्तिको इसका सेवन वर्जित है ।
सभी उपचार उपाय सामान्य है, प्रयोग करने से पहले स्थानीय चिकत्सक से सलाह लेना जरुरी है ।
वैद्य हरिकृष्ण पांडेय 'हरीश '
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